सर्दी की विदाई और वसंत की आहट के साथ फरवरी का महीना हर साल अपने साथ कई महत्वपूर्ण व्रत-त्यौहार लेकर आता है, और Lala Ramswaroop Calendar February 2026 के अनुसार इस साल का फरवरी विशेष रूप से खास है। इस महीने की सबसे बड़ी बात यह है कि 15 फरवरी को Maha Shivratri पड़ रही है, जिसे भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का पावन दिन माना जाता है। इसके ठीक छह दिन बाद, 21 फरवरी को Phulera Dooj के रूप में एक ऐसा Abhuj Vivah Muhurat भी आता है, जिस दिन बिना कुंडली मिलाए और बिना पंचांग देखे भी विवाह संपन्न किया जा सकता है। इसी के साथ महीने के अंत में, 24 फरवरी से Holashtak भी प्रारंभ हो जाएगा, जिसके बाद होली तक सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है।
उत्तर भारत के लाखों घरों में — चाहे वह उत्तर प्रदेश हो, बिहार हो, मध्य प्रदेश हो या राजस्थान — किसी भी शुभ कार्य से पहले लाला रामस्वरूप पंचांग देखने की परंपरा दशकों पुरानी है। इस लेख में हमने पूरी तरह से आसान और सरल भाषा में, फरवरी 2026 के सभी व्रत, त्यौहार, एकादशी और विवाह मुहूर्त की जानकारी एक ही जगह पर संकलित की है, ताकि आपको किसी और स्रोत की ज़रूरत ही न पड़े।
Lala Ramswaroop Panchang Ki Vishwasniyata | पंचांग की विश्वसनीयता क्यों मायने रखती है
लाला रामस्वरूप रामनारायण पंचांग की परंपरा लगभग नौ दशक पुरानी है, और इसे संपादित करने में श्री प्रहलाद अग्रवाल जैसे अनुभवी विद्वानों का योगदान रहा है। यही कारण है कि उत्तर भारत के परिवार किसी नए ऐप या अपरिचित वेबसाइट की बजाय इसी नाम पर भरोसा करते हैं। पंचांग की हर तारीख — चाहे वह कोई व्रत हो, त्यौहार हो या विवाह मुहूर्त — सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक खगोलीय स्थिति की गणना करके निकाली जाती है, अंदाज़े से नहीं। इसलिए जब भी आप कोई महत्वपूर्ण कार्य इस पंचांग के अनुसार तय करते हैं, तो आप एक ऐसी परंपरा पर भरोसा कर रहे होते हैं जिसे लाखों परिवारों ने वर्षों तक परखा है।
February 2026 Important Dates At a Glance | एक नज़र में फरवरी 2026 के मुख्य दिन
नीचे दी गई टेबल में महीने की सभी ज़रूरी तारीखें एक साथ दी गई हैं, ताकि आप बिना पूरा लेख पढ़े भी अपनी ज़रूरत की तारीख तुरंत ढूंढ सकें:
| Date (तारीख) | Day (वार) | Occasion (पर्व/व्रत) | Type | Significance |
|---|---|---|---|---|
| 1 फरवरी 2026 | रविवार | Magha Purnima | Vrat | कल्पवास समापन, पवित्र स्नान |
| 5 फरवरी 2026 | गुरुवार | Sankashti Chaturthi | Vrat | गणेश पूजा, विघ्न निवारण |
| 9 फरवरी 2026 | सोमवार | Janaki Jayanti / Sita Ashtami | Festival | माता सीता प्राकट्य दिवस |
| 13 फरवरी 2026 | शुक्रवार | Vijaya Ekadashi | Vrat | विष्णु पूजा, विजय प्राप्ति |
| 14 फरवरी 2026 | शनिवार | Shani Pradosh Vrat | Vrat | शिव पूजा, शनि दोष शांति |
| 15 फरवरी 2026 | रविवार | Maha Shivratri | Major Festival | शिव-पार्वती विवाह स्मृति |
| 17 फरवरी 2026 | मंगलवार | Bhaumvati Amavasya | Vrat | पितृ तर्पण, मंगल दोष शांति |
| 19 फरवरी 2026 | गुरुवार | Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti | Observance | वीरता और नेतृत्व स्मरण |
| 21 फरवरी 2026 | शनिवार | Phulera Dooj | Abhuj Vivah Muhurat | बिना मुहूर्त शादी संभव |
| 24 फरवरी 2026 | मंगलवार | Holashtak Begins | Restriction Period | शुभ कार्य वर्जित |
| 27 फरवरी 2026 | शुक्रवार | Amalaki / Rangbhari Ekadashi | Vrat | आंवला पूजा, काशी उत्सव |

Major Festivals in February 2026 | फरवरी 2026 के प्रमुख त्यौहार
Janaki Jayanti / Sita Ashtami – 9 February
इस दिन माता सीता के प्राकट्य को याद किया जाता है, जिन्हें राजा जनक की पुत्री और भगवान श्रीराम की धर्मपत्नी माना जाता है। घरों और मंदिरों में माता सीता और भगवान श्रीराम की संयुक्त पूजा-अर्चना होती है। कई सुहागिन महिलाएं इस दिन व्रत रखकर अपने वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। मिथिला क्षेत्र में यह दिन विशेष धूमधाम से मनाया जाता है।
Maha Shivratri – 15 February
Maha Shivratri 2026 इस महीने ही नहीं बल्कि साल के सबसे बड़े पर्वों में गिना जाता है। मान्यता है कि इसी रात भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था, इसलिए इसे शिव भक्तों के लिए सबसे पावन रात्रि माना जाता है। भक्त पूरी रात जागरण करते हैं, शिवलिंग पर जल, दूध और बिल्वपत्र अर्पित करते हैं, तथा निर्जला व्रत रखकर शिव-आराधना करते हैं। देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों — काशी विश्वनाथ, महाकालेश्वर, सोमनाथ जैसे ज्योतिर्लिंगों में इस दिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti – 19 February
यह दिन मराठा साम्राज्य के संस्थापक और वीर योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के रूप में मनाया जाता है। महाराष्ट्र में इस दिन सार्वजनिक अवकाश रहता है और जगह-जगह शोभायात्राएं निकाली जाती हैं, लेकिन देशभर में भी उनके साहस, प्रशासनिक कुशलता और स्वराज्य की भावना को इस दिन याद किया जाता है।
Phulera Dooj – 21 February
Phulera Dooj फाल्गुन शुक्ल द्वितीया के दिन मनाई जाती है और इसे साल के सबसे शुभ Abhuj Vivah Muhurat में गिना जाता है — यानी इस दिन जन्म-कुंडली मिलाए बिना और पंचांग देखे बिना भी विवाह संपन्न किया जा सकता है। मथुरा-वृंदावन क्षेत्र में इसी दिन से होली के उत्सव की शुरुआत भी मानी जाती है, जहां राधा-कृष्ण को फूलों से सजाकर विशेष श्रृंगार किया जाता है।
Holashtak Begins – 24 February
फाल्गुन शुक्ल अष्टमी के दिन से Holashtak आरंभ हो जाता है, जो होलिका दहन तक लगातार आठ दिनों तक चलता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार इन आठ दिनों में ग्रहों की स्थिति उग्र रहती है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और नए व्यापार जैसे किसी भी मांगलिक कार्य को करने से बचा जाता है।
Ekadashi, Purnima Aur Amavasya Vrat Dates | व्रत तिथियों की पूरी सूची
Magha Purnima – 1 February
माघ महीने की पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व है। इसी दिन प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर महीनेभर चलने वाले कल्पवास की समाप्ति होती है और लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान करते हैं। इसी दिन संत रविदास जयंती भी मनाई जाती है, जिनकी शिक्षाओं को आज भी समाज में समानता और भक्ति के प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
Sankashti Chaturthi – 5 February
भगवान गणेश को समर्पित यह व्रत हर महीने आता है और इसे जीवन की बाधाओं, विघ्नों और कष्टों को दूर करने के लिए रखा जाता है। भक्त दिनभर उपवास रखते हैं और शाम को चंद्रोदय के दर्शन के बाद ही व्रत खोलते हैं। इस दिन गणेश चालीसा और संकटनाशन स्तोत्र का पाठ करना विशेष फलदायी माना जाता है।
Vijaya Ekadashi – 13 February
फाल्गुन कृष्ण पक्ष की यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे हर कार्य में विजय दिलाने वाली माना जाता है। मान्यता है कि इसी व्रत के प्रभाव से भगवान श्रीराम को लंका विजय में सफलता मिली थी। इस दिन उपवास रखकर विष्णु सहस्रनाम या रामचरितमानस का पाठ करना शुभ माना जाता है।
Shani Pradosh Vrat – 14 February
प्रदोष व्रत वैसे तो भगवान शिव को समर्पित होता है, लेकिन जब यह शनिवार के दिन पड़ता है तो इसे Shani Pradosh कहा जाता है, जिसका महत्व और भी बढ़ जाता है। यह दिन शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या से परेशान लोगों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। सांयकाल के समय शिव-पूजा करने का विधान है।
Bhaumvati Amavasya – 17 February
जब अमावस्या मंगलवार के दिन पड़ती है, तो उसे Bhaumvati Amavasya कहा जाता है। यह दिन पितरों की शांति के लिए तर्पण करने, कालसर्प दोष और मंगल दोष के निवारण के लिए बेहद उत्तम माना जाता है। कई लोग इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा भी करते हैं।
Amalaki / Rangbhari Ekadashi – 27 February
इस एकादशी के दिन आंवले (Amalaki) के वृक्ष की पूजा और परिक्रमा करने का विशेष विधान है, क्योंकि इसे भगवान विष्णु का ही एक स्वरूप माना जाता है। काशी (वाराणसी) में इसे Rangbhari Ekadashi के नाम से मनाया जाता है, जहां भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमाओं के साथ भक्त गुलाल खेलकर होली उत्सव की शुरुआत करते हैं।
Vivah Muhurat February 2026: Wedding Dates | फरवरी में विवाह मुहूर्त
सर्दी की विदाई के साथ फरवरी का महीना शादियों के लिए हमेशा से लोकप्रिय रहा है, क्योंकि इस दौरान मौसम न ज़्यादा ठंडा होता है और न ज़्यादा गर्म। Lala Ramswaroop Panchang के अनुसार, इस साल फरवरी के शुरुआती तीन हफ्तों में विवाह के लिए कई अच्छे लग्न और मुहूर्त मौजूद हैं, जिनमें ग्रहों की स्थिति वर-वधू के लिए अनुकूल मानी गई है।
इस महीने की सबसे खास बात 21 फरवरी (Phulera Dooj) का Abhuj Muhurat होना है। जिन जोड़ों की जन्मपत्री में कोई सही विवाह मुहूर्त नहीं निकल पाता, या जिन्हें किसी वजह से जल्दी शादी करनी होती है, उनके लिए यह दिन बिना किसी ज्योतिषीय बाधा के विवाह संपन्न करने का स्वर्णिम अवसर माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन विवाह करने वाले जोड़ों को भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है।
हालांकि, एक बेहद ज़रूरी बात का ध्यान रखना ज़रूरी है — 24 फरवरी से Holashtak शुरू हो जाएगा, और उसके बाद होलिका दहन तक कोई भी नया विवाह मुहूर्त उपलब्ध नहीं रहेगा। इसलिए यदि आप फरवरी 2026 में विवाह की योजना बना रहे हैं, तो अपनी तारीख 24 फरवरी से पहले ही निश्चित कर लें, और अंतिम मुहूर्त तय करने से पहले अपने परिवार के पुरोहित या किसी अनुभवी ज्योतिषाचार्य से अवश्य सलाह लें, क्योंकि सूर्योदय के समय और शहर के अनुसार मुहूर्त में थोड़ा बदलाव हो सकता है।
Holashtak Mein Kya Karein, Kya Na Karein | होलाष्टक के नियम
होलाष्टक के आठ दिनों को लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहते हैं कि इस दौरान क्या करना उचित है और क्या नहीं। नीचे दी गई तालिका में इसे सरल तरीके से समझाया गया है:
| करें (Do) | न करें (Don’t) |
|---|---|
| नियमित पूजा-पाठ और मंत्र जाप करें | नई शादी या सगाई तय न करें |
| दान-पुण्य और ज़रूरतमंदों की सहायता करें | गृह प्रवेश या नया घर न खरीदें |
| भगवान नरसिंह और होलिका माता की उपासना करें | मुंडन या जनेऊ संस्कार न करवाएं |
| आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच अपनाएं | नया व्यापार या बड़ा निवेश शुरू न करें |
| पुराने विवादों को सुलझाने का प्रयास करें | यात्रा से जुड़े बड़े निर्णय टालें |
Panchang Ko Samjhein: Tithi, Nakshatra, Yoga Aur Karana | पंचांग की मूल बातें
फरवरी 2026 का पंचांग समझने से पहले, अगर आप इसमें इस्तेमाल होने वाले शब्दों से पूरी तरह परिचित नहीं हैं, तो इन्हें आसान भाषा में समझ लेते हैं। पारंपरिक हिंदू पंचांग पांच मुख्य अंगों से मिलकर बनता है:
- Tithi (तिथि): चंद्रमा और सूर्य की स्थिति के अंतर के आधार पर तय होने वाला चंद्र दिवस। एक महीने में 30 तिथियां होती हैं, और लगभग हर व्रत-त्यौहार की तारीख इसी पर आधारित होती है, अंग्रेज़ी कैलेंडर पर नहीं।
- Nakshatra (नक्षत्र): आकाश में 27 नक्षत्र मंडल होते हैं, जिनमें से हर समय चंद्रमा किसी एक में स्थित रहता है। विवाह मुहूर्त, नामकरण और यात्रा-योजना में नक्षत्र का बहुत महत्व माना जाता है।
- Yoga (योग): सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त स्थिति से निकलने वाली एक विशेष गणना, जो किसी दिन की शुभता या अशुभता तय करने में सहायक होती है।
- Karana (करण): एक तिथि का आधा भाग, जिसका उपयोग किसी मुहूर्त के सटीक समय को और बारीकी से तय करने के लिए किया जाता है।
इन चारों तत्वों की सटीक गणना ही यह तय करती है कि कोई दिन विवाह, गृह प्रवेश या पूजा-पाठ के लिए उपयुक्त है या नहीं — इसीलिए पंचांग के स्रोत पर भरोसा करना इतना ज़रूरी हो जाता है।
Doosre Panchang Se Tulna | अन्य पंचांगों से तुलना
बाज़ार में लाला रामस्वरूप के अलावा Thakur Prasad Panchang और Kalnirnay जैसे नाम भी प्रचलित हैं। तीनों ही एक ही हिंदू चंद्र-सौर कैलेंडर प्रणाली का पालन करते हैं, इसलिए तिथि, एकादशी या महाशिवरात्रि जैसे प्रमुख पर्वों की मूल तारीख में कोई अंतर नहीं आता। जो चीज़ अलग होती है, वह है क्षेत्रीय लोकप्रियता, प्रस्तुतिकरण का तरीका और राशिफल व मुहूर्त-तालिकाओं की गहराई। लाला रामस्वरूप पंचांग विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में सबसे अधिक भरोसेमंद माना जाता है, जबकि ठाकुर प्रसाद पंचांग बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में तथा कालनिर्णय महाराष्ट्र व पश्चिम भारत में अधिक प्रचलित है।
Is Calendar Ka Upyog Kaise Karein | कैलेंडर का सही उपयोग कैसे करें
- पहले अपने शहर के अनुसार समय जांचें – सूर्योदय और सूर्यास्त का समय शहर-दर-शहर बदलता है, जिससे राहुकाल और मुहूर्त का समय भी थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।
- बड़े निर्णयों से पहले पुरोहित से सलाह लें – यह लेख सामान्य जानकारी देता है, लेकिन विवाह या गृह प्रवेश जैसे बड़े कार्यों के लिए व्यक्तिगत कुंडली मिलाना भी ज़रूरी होता है।
- तालिका को बुकमार्क करें – ऊपर दी गई “At a Glance” टेबल को सेव कर लें ताकि पूरे महीने बार-बार खोजना न पड़े।
- Holashtak और Chaturmas जैसी अवधियों को नोट करें – ताकि किसी भी शुभ कार्य की योजना गलत समय पर न बन जाए।
Hum Tareekhon Ki Pushti Kaise Karte Hain | हमारी सत्यापन प्रक्रिया
हमारी संपादकीय टीम इस जानकारी को प्रकाशित करने से पहले तीन स्तर पर जांच करती है। पहला, मूल Lala Ramswaroop Ramnarayan Panchang से हर तारीख का सीधा मिलान किया जाता है। दूसरा, वैदिक खगोलीय गणनाओं के आधार पर तिथि, नक्षत्र और योग की पुनः पुष्टि की जाती है। तीसरा, समय-समय पर आंतरिक समीक्षा की जाती है ताकि किसी भी त्रुटि को जल्द से जल्द ठीक किया जा सके। फिर भी, चूंकि तिथियां सूर्योदय के समय और भौगोलिक स्थिति के अनुसार थोड़ी बदल सकती हैं, इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण आयोजन से पहले स्थानीय पुरोहित या ज्योतिषी से एक बार पुष्टि अवश्य कर लें।
Frequently Asked Questions | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. फरवरी 2026 में महाशिवरात्रि कब है? (When is Maha Shivratri in February 2026?) Maha Shivratri 15 फरवरी 2026, रविवार को मनाई जाएगी। यह इस महीने का सबसे बड़ा पर्व है।
Q2. फरवरी 2026 में Abhuj Vivah Muhurat कौन सी तारीख को है? 21 फरवरी 2026 को Phulera Dooj के दिन Abhuj Muhurat है, जिस दिन बिना पंचांग देखे भी विवाह किया जा सकता है।
Q3. Holashtak 2026 कब से शुरू हो रहा है और कब तक चलेगा? Holashtak 24 फरवरी 2026 से शुरू होकर होलिका दहन तक, यानी आठ दिनों तक चलेगा। इस दौरान शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
Q4. फरवरी 2026 में कितनी एकादशी हैं? इस महीने दो एकादशी हैं — 13 फरवरी को Vijaya Ekadashi और 27 फरवरी को Amalaki (Rangbhari) Ekadashi।
Q5. फरवरी 2026 में शादी के लिए सबसे अच्छी तारीखें कौन सी हैं? महीने के पहले तीन हफ्ते, यानी 24 फरवरी से पहले का समय शादियों के लिए शुभ माना गया है, जिसमें 21 फरवरी का Abhuj Muhurat सबसे खास है।
Q6. क्या फरवरी के बाद भी विवाह मुहूर्त मिलेंगे? 24 फरवरी से Holashtak शुरू होने के बाद होली तक कोई मुहूर्त नहीं रहेगा, लेकिन होली के बाद मार्च-अप्रैल में फिर से शुभ मुहूर्त शुरू हो जाते हैं।
Q7. Sankashti Chaturthi का व्रत कैसे रखा जाता है? इस व्रत में दिनभर उपवास रखा जाता है और शाम को चंद्रमा के दर्शन के बाद ही भोजन ग्रहण किया जाता है। भगवान गणेश की पूजा और चालीसा पाठ करना शुभ माना जाता है।
Q8. क्या यह जानकारी सभी राज्यों के लिए एक समान है? मूल तिथियां पूरे भारत में समान रहती हैं, लेकिन सूर्योदय-सूर्यास्त के समय में अंतर के कारण राहुकाल और सटीक मुहूर्त का समय शहर के अनुसार थोड़ा बदल सकता है।
Conclusion | निष्कर्ष
Lala Ramswaroop Calendar February 2026 धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक भरा-पूरा महीना लेकर आया है — एक तरफ Maha Shivratri और Phulera Dooj जैसे शुभ अवसर हैं, तो दूसरी तरफ महीने के अंत में Holashtak की शुरुआत भी हो जाती है। अगर आप कोई व्रत रखने, विशेष पूजा करने, या विवाह-गृह प्रवेश जैसी योजना बनाने वाले हैं, तो ऊपर दी गई तारीखों और तालिकाओं को ध्यान में रखें, और अंतिम निर्णय से पहले अपने परिवार के पुरोहित या किसी अनुभवी ज्योतिषी से एक बार सलाह ज़रूर लें। हम अगले महीने के पंचांग की जानकारी के साथ फिर हाज़िर होंगे।