Lala Ramswaroop Calendar 2026: व्रत, त्योहार, पंचांग और विवाह मुहूर्त की संपूर्ण

अगर आप 2026 के लिए प्रामाणिक हिंदू पंचांग की तलाश कर रहे हैं, तो Lala Ramswaroop Calendar 2026 आपके लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प हो सकता है। भारत में जब भी सही तिथि, व्रत, त्योहार, राहुकाल, चौघड़िया या विवाह मुहूर्त की बात होती है, तो सबसे पहला नाम लाला रामस्वरूप रामनारायण संस पंचांग का ही लिया जाता है। इसे लोग Ramnarayan Panchang 2026, Hindu Calendar 2026, Lala Ramswaroop Panchang और Lala Ramswaroop Calendar जैसे नामों से भी खोजते हैं।

यह केवल एक कैलेंडर नहीं है, बल्कि हिंदू धर्म, ज्योतिष और सनातन परंपरा का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसमें दैनिक तिथि, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल, चौघड़िया, पूर्णिमा, अमावस्या, एकादशी, प्रदोष व्रत, पंचक, ग्रहण, सूतक काल और विवाह मुहूर्त जैसी अनेक जानकारियाँ मिलती हैं। इस विस्तृत लेख में हम 2026 के जनवरी से दिसंबर तक के सभी प्रमुख व्रत, त्योहार, पंचांग और विवाह मुहूर्त की पूरी जानकारी आसान भाषा में दे रहे हैं। इसे बुकमार्क कर लें, क्योंकि पूरे साल यह आपके काम आएगा।

What is Lala Ramswaroop Calendar? (लाला रामस्वरूप कैलेंडर क्या है?)

लाला रामस्वरूप कैलेंडर उत्तर भारत का सबसे पुराना और सबसे अधिक विश्वसनीय लूनिसोलर पंचांग माना जाता है। इसकी शुरुआत लगभग नौ दशक पहले श्री प्रहलाद अग्रवाल जी के कुशल संपादन में हुई थी। उनके इस प्रयास ने आज करोड़ों भारतीय परिवारों को उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखा है।

यह पंचांग केवल अंग्रेजी महीनों और तारीखों तक सीमित नहीं है। इसके बजाय, यह हमें Hindu Panchang 2026 की गहराई में ले जाता है। इसमें ज्योतिषीय गणनाओं और खगोलीय स्थितियों के आधार पर निम्नलिखित जानकारियाँ मिलती हैं:

  • प्रतिदिन की हिंदू तिथि (Tithi) और नक्षत्र (Nakshatra)।
  • राहुकाल (Rahu Kaal) का सटीक समय, ताकि आप अशुभ समय से बच सकें।
  • शुभ और अशुभ चौघड़िया मुहूर्त (Choghadiya) दिन और रात के अनुसार।
  • सभी हिंदू व्रत और त्यौहार (Hindu Vrat & Festivals) की सही तारीखें।
  • विवाह मुहूर्त, मुंडन, विद्यारंभ और गृह प्रवेश की सटीक और प्रमाणित तिथियां।
  • पंचक कब लग रहे हैं और कब समाप्त हो रहे हैं।
  • सूर्य और चंद्र ग्रहण (Solar and Lunar Eclipse) की तिथियां और उनका सूतक काल।
  • सूर्य संक्रांति, चंद्र ग्रहण, पंचक, और अन्य ज्योतिषीय घटनाओं का विवरण।

यही कारण है कि जब भी किसी को Hindu Calendar 2026 PDF Download या Lala Ramswaroop Calendar 2026 PDF की ज़रूरत होती है, तो उनकी पहली और आखिरी पसंद लाला रामस्वरूप कैलेंडर ही होती है।

Lala Ramswaroop Calendar

Lala Ramswaroop Calendar 2026 PDF Free Download (लाला रामस्वरूप कैलेंडर 2026 पीडीएफ फ्री डाउनलोड)

आधुनिक समय में बहुत से लोग इस कैलेंडर को ऑनलाइन डाउनलोड करना चाहते हैं, ताकि वे इसे अपने स्मार्टफोन, टैबलेट या लैपटॉप में हमेशा साथ रख सकें और कभी भी मुहूर्त या तारीख देख सकें।

हालाँकि, यहाँ यह स्पष्ट करना बहुत ज़रूरी है कि ओरिजिनल ‘लाला रामस्वरूप रामनारायण पंचांग’ एक कॉपीराइटेड (Copyrighted) पब्लिकेशन है। उनका अपना प्रिंटेड संस्करण बाज़ार में बिकता है। इसलिए पूरे असली कैलेंडर की स्कैन कॉपी को PDF के रूप में सीधे मुफ्त में इंटरनेट पर उपलब्ध कराना कॉपीराइट नियमों के खिलाफ हो सकता है।

लेकिन, आपकी सुविधा और जानकारी के लिए हमने नीचे पूरे वर्ष 2026 का महीने-वार पंचांग और प्रमुख त्यौहारों की बहुत ही विस्तृत सूची तैयार कर दी है, जिसे हमारी टीम ने वैदिक पंचांगों के आधार पर संकलित किया है। आप बिना किसी चिंता के इस वेबपेज को बुकमार्क कर सकते हैं या फिर अपने ब्राउज़र की सेटिंग में जाकर इस पूरे पेज को Lala Ramswaroop Calendar 2026 PDF Download के रूप में सेव (Print > Save as PDF) कर सकते हैं। यह आपके लिए एक संपूर्ण डिजिटल पंचांग का काम करेगा।

महीनाजानकारी
Lala Ramswaroop Calendar January 2026Save as PDF
Lala Ramswaroop Calendar February 2026Save as PDF
Lala Ramswaroop Calendar March 2026Save as PDF
Lala Ramswaroop Calendar April 2026Save as PDF
Lala Ramswaroop Calendar May 2026Save as PDF
Lala Ramswaroop Calendar June 2026Save as PDF
Lala Ramswaroop Calendar July 2026Save as PDF
Lala Ramswaroop Calendar August 2026Save as PDF
Lala Ramswaroop Calendar September 2026Save as PDF
Lala Ramswaroop Calendar October 2026Save as PDF
Lala Ramswaroop Calendar November 2026Save as PDF
Lala Ramswaroop Calendar December 2026Save as PDF

Note: ऑफिशियल और पूरी डिटेल वाली प्रिंटेड कॉपी के लिए स्थानीय स्टेशनरी स्टोर, न्यूज़पेपर विक्रेता या Amazon/Flipkart जैसे प्रमाणित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से खरीदारी करें।

Lala Ramswaroop Calendar 2026 Monthly Breakdown (लाला रामस्वरूप कैलेंडर 2026 मासिक विवरण)

यहाँ 2026 के सभी 12 महीनों के प्रमुख व्रत, त्योहार और राष्ट्रीय अवकाश दिए गए हैं। इससे आप अपनी छुट्टियाँ, यात्रा और मांगलिक कार्य पहले से प्लान कर सकते हैं।

1. January 2026 (जनवरी 2026) – पौष – माघ

जनवरी 2026 में ठंड के साथ नए साल की शुरुआत होती है। इस महीने सूर्य उत्तरायण होता है, जिसे शुभ माना जाता है। मकर संक्रांति इस महीने का प्रमुख पर्व है। इस दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, और दान-स्नान का विशेष महत्व होता है। पंजाब और उत्तर भारत में लोहड़ी का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जाता है। दक्षिण भारत में पोंगल का उत्सव होता है।

  • New Year Day: 1 जनवरी 2026 (गुरुवार)
  • Lohri: 13 जनवरी 2026 (मंगलवार)
  • Makar Sankranti: 14 जनवरी 2026 (बुधवार)
  • Pongal: 14 जनवरी 2026 (बुधवार)
  • Republic Day: 26 जनवरी 2026 (सोमवार)

इस महीने में पौष पूर्णिमा, सकट चौथ, और अन्य व्रत भी पड़ते हैं। पंचांग में इन सभी की सटीक तिथि और पारण का समय दिया जाता है।

2. February 2026 (फरवरी 2026) – माघ – फाल्गुन

फरवरी में वसंत ऋतु की शुरुआत होती है। प्रकृति में नए फूल खिलने लगते हैं। इस महीने विद्या की देवी सरस्वती की पूजा (बसंत पंचमी) बहुत धूमधाम से मनाई जाती है। इसे विद्यारंभ के लिए उत्तम माना गया है। महाशिवरात्रि का महान पर्व भी इसी महीने या मार्च की शुरुआत में आता है। शिव भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और रुद्राभिषेक करते हैं।

  • Vasant Panchami / Saraswati Puja: फरवरी 2026 (तिथि अनुसार)
  • Maha Shivaratri: फरवरी मध्य या अंत 2026 (तिथि अनुसार)
  • Jaya Ekadashi, Vijaya Ekadashi: फरवरी 2026

इस महीने में माघ पूर्णिमा और माघ अमावस्या का भी विशेष महत्व होता है। माघ स्नान और दान का महीना माना जाता है।

3. March 2026 (मार्च 2026) – फाल्गुन – चैत्र

मार्च का महीना रंगों और उत्सव का होता है। इसी महीने होली और चैत्र नवरात्रि आती है। होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। रंगवाली होली पूरे भारत में प्रेम और भाईचारे के साथ मनाई जाती है। चैत्र नवरात्रि के साथ हिंदू नववर्ष (Vikram Samvat) की शुरुआत होती है। राम नवमी पर भगवान राम का जन्मोत्सव मनाया जाता है।

  • Holika Dahan: 3 मार्च 2026 (मंगलवार)
  • Holi / Dhulandi: 4 मार्च 2026 (बुधवार)
  • Chaitra Navratri Starts: 19 मार्च 2026 (गुरुवार)
  • Ram Navami: 27 मार्च 2026 (शुक्रवार)
  • Gudi Padwa / Ugadi: मार्च 2026 (तिथि अनुसार)

इस महीने में चैत्र नवरात्रि के दौरान कलश स्थापना, दुर्गा पूजा और कन्या पूजन किया जाता है।

4. April 2026 (अप्रैल 2026) – चैत्र – वैशाख

अप्रैल में गर्मी की शुरुआत होती है। यह महीना धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। बैसाखी सिख धर्म का प्रमुख त्यौहार है और फसल कटाई का जश्न है। अम्बेडकर जयंती पर बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी को याद किया जाता है। महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में गुड़ी पड़वा और उगादी नए साल के रूप में मनाया जाता है।

  • Baisakhi: 13 या 14 अप्रैल 2026
  • Ambedkar Jayanti: 14 अप्रैल 2026
  • Gudi Padwa / Ugadi: अप्रैल 2026 (तिथि अनुसार)
  • Chaitra Purnima: अप्रैल 2026

इस महीने में वैशाख मास की शुरुआत होती है, जिसमें स्नान, दान और व्रत का विशेष महत्व होता है।

5. May 2026 (मई 2026) – वैशाख – ज्येष्ठ

मई में तेज गर्मी होती है। इस महीने अक्षय तृतीया का पावन दिन आता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान, पुण्य और खरीदारी अक्षय फल देती है। इसलिए लोग सोना, बर्तन, प्रॉपर्टी और नए व्यापार की शुरुआत करते हैं। परशुराम जयंती और बुद्ध पूर्णिमा भी इसी महीने में आती है।

  • Akshaya Tritiya: मई 2026 (तिथि अनुसार)
  • Parshuram Jayanti: मई 2026 (तिथि अनुसार)
  • Buddha Purnima: मई 2026 (तिथि अनुसार)
  • Narasimha Jayanti: मई 2026

इस महीने में वैशाख पूर्णिमा और ज्येष्ठ अमावस्या का भी महत्व होता है।

6. June 2026 (जून 2026) – ज्येष्ठ – आषाढ़

जून में गर्मी अपने चरम पर रहती है। इस महीने निर्जला एकादशी और वट सावित्री व्रत जैसे महत्वपूर्ण व्रत आते हैं। निर्जला एकादशी साल की सबसे कठिन एकादशी मानी जाती है, जिसमें बिना जल और अन्न व्रत रखा जाता है। वट सावित्री व्रत में सुहागिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा करती हैं और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। गंगा दशहरा पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है।

  • Nirjala Ekadashi: जून 2026 (तिथि अनुसार)
  • Vat Savitri Vrat: जून 2026 (तिथि अनुसार)
  • Ganga Dussehra: जून 2026 (तिथि अनुसार)
  • Jyestha Purnima: जून 2026

इस महीने में ज्येष्ठ अमावस्या और आषाढ़ मास की शुरुआत होती है।

7. July 2026 (जुलाई 2026) – आषाढ़ – श्रावण

जुलाई में गुरु पूर्णिमा और मानसून की शुरुआत होती है। इसी महीने से सावन का पवित्र महीना भी शुरू होता है। सावन भगवान शिव को अति प्रिय है। लाखों श्रद्धालु कांवड़ लेकर आते हैं और शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं। सावन के हर सोमवार को विशेष व्रत रखा जाता है। गुरु पूर्णिमा पर गुरुजनों का आशीर्वाद लिया जाता है।

  • Guru Purnima: जुलाई 2026 (तिथि अनुसार)
  • Sawan Starts: जुलाई 2026 (तिथि अनुसार)
  • Sawan Somwar Vrat: सावन के प्रत्येक सोमवार
  • Devshayani Ekadashi: जुलाई 2026 (तिथि अनुसार)

देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू होता है, जिसमें चार महीने तक शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

8. August 2026 (अगस्त 2026) – श्रावण – भाद्रपद

अगस्त से भारत में त्योहारों का सीजन शुरू हो जाता है। रक्षाबंधन और जन्माष्टमी इस महीने के प्रमुख पर्व हैं। रक्षाबंधन पर बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं। कृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। मथुरा और वृंदावन में विशेष आयोजन होते हैं। स्वतंत्रता दिवस भी इसी महीने में आता है।

  • Independence Day: 15 अगस्त 2026 (शनिवार)
  • Raksha Bandhan: 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार)
  • Krishna Janmashtami: अगस्त अंत या सितंबर शुरुआत 2026
  • Nag Panchami: अगस्त 2026

इस महीने में श्रावण पूर्णिमा और भाद्रपद मास की शुरुआत होती है।

9. September 2026 (सितंबर 2026) – भाद्रपद – आश्विन

सितंबर में गणेश उत्सव और पितृ पक्ष आता है। यह महीना आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना की जाती है और 10 दिन तक उत्सव चलता है। पितृ पक्ष में पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। इन 15 दिनों में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

  • Ganesh Chaturthi: सितंबर 2026 (तिथि अनुसार)
  • Pitru Paksha / Shradh Starts: सितंबर 2026 (तिथि अनुसार)
  • Anant Chaturdashi: सितंबर 2026
  • Sarva Pitru Amavasya: सितंबर 2026

इस महीने में भाद्रपद पूर्णिमा और आश्विन मास की शुरुआत होती है।

10. October 2026 (अक्टूबर 2026) – आश्विन – कार्तिक

अक्टूबर हिंदू धर्म का बहुत बड़ा महीना माना जाता है। इस महीने शारदीय नवरात्रि, दशहरा और करवा चौथ आते हैं। शारदीय नवरात्रि में माँ दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है। पूरे देश में गरबा और दांडिया का आयोजन होता है। दशहरा पर रावण दहन होता है और असत्य पर सत्य की विजय मनाई जाती है। करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और चाँद देखकर व्रत खोलती हैं।

  • Sharad Navratri Starts: 11 अक्टूबर 2026 (रविवार)
  • Durgashtami / Mahanavami: 18 और 19 अक्टूबर 2026
  • Dussehra / Vijayadashami: अक्टूबर 2026 (तिथि अनुसार)
  • Karwa Chauth: अक्टूबर 2026 (तिथि अनुसार)
  • Valmiki Jayanti: अक्टूबर 2026

इस महीने में आश्विन पूर्णिमा और कार्तिक मास की शुरुआत होती है।

11. November 2026 (नवंबर 2026) – कार्तिक – मार्गशीर्ष

नवंबर में दिवाली, धनतेरस, भाई दूज और छठ पूजा जैसे बड़े पर्व आते हैं। धनतेरस पर बर्तन, सोना-चांदी और झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है। दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का सटीक मुहूर्त पंचांग से देखा जाता है। भाई दूज पर भाई बहन के घर भोजन करने जाते हैं। छठ पूजा में डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। देवोत्थान एकादशी से शुभ कार्य फिर शुरू हो जाते हैं।

  • Dhanteras: 6 नवंबर 2026 (शुक्रवार)
  • Diwali / Deepavali: 8 नवंबर 2026 (रविवार)
  • Bhai Dooj: 11 नवंबर 2026 (बुधवार)
  • Chhath Puja: नवंबर 2026 (तिथि अनुसार)
  • Tulsi Vivah & Devutthana Ekadashi: नवंबर 2026 (तिथि अनुसार)

इस महीने में कार्तिक पूर्णिमा और मार्गशीर्ष मास की शुरुआत होती है।

12. December 2026 (दिसंबर 2026) – मार्गशीर्ष – पौष

दिसंबर में ठंड के साथ शादी-विवाह का सीजन भी तेज होता है। इस महीने कई शुभ विवाह मुहूर्त पड़ते हैं। विवाह पंचमी पर भगवान राम और माता सीता के विवाह की कथा सुनाई जाती है। गीता जयंती पर भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए गीता ज्ञान को याद किया जाता है। क्रिसमस ईसाई धर्म का सबसे बड़ा त्यौहार है।

  • Vivah Panchami: दिसंबर 2026 (तिथि अनुसार)
  • Gita Jayanti: दिसंबर 2026 (तिथि अनुसार)
  • Christmas: 25 दिसंबर 2026 (शुक्रवार)
  • Margashirsha Purnima: दिसंबर 2026

इस महीने में मार्गशीर्ष पूर्णिमा और पौष मास की शुरुआत होती है।

Important Vrats Overview 2026 (प्रमुख व्रतों की जानकारी)

Lala Ramswaroop Panchang का सबसे ज़्यादा उपयोग एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या और प्रदोष जैसे व्रतों की सही तिथि जानने के लिए किया जाता है। हिंदू तिथियाँ अंग्रेजी तारीखों की तरह रात 12 बजे नहीं बदलतीं, बल्कि सूर्योदय और चंद्रोदय के आधार पर घटती-बढ़ती हैं। इसलिए पंचांग देखना अनिवार्य होता है।

Ekadashi Vrat 2026 (एकादशी व्रत 2026)

एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। हर महीने दो एकादशी आती हैं—एक शुक्ल पक्ष में और एक कृष्ण पक्ष में। साल में कुल 24 एकादशियाँ होती हैं। इनमें कुछ प्रमुख हैं:

  • Nirjala Ekadashi: सबसे कठिन व्रत, बिना जल और अन्न।
  • Devshayani Ekadashi: इसके बाद चातुर्मास शुरू होता है।
  • Devutthana Ekadashi: इसके बाद शुभ और मांगलिक कार्य फिर शुरू होते हैं।
  • Putrada Ekadashi, Shattila Ekadashi, Jaya Ekadashi, Vijaya Ekadashi, Amalaki Ekadashi, Papmochani Ekadashi, Kamada Ekadashi, Varuthini Ekadashi, Mohini Ekadashi, Apara Ekadashi, Yogini Ekadashi, Padma Ekadashi, Saphala Ekadashi, Pausha Putrada Ekadashi आदि।

Purnima & Amavasya 2026 (पूर्णिमा और अमावस्या 2026)

पूर्णिमा के दिन कई घरों में सत्यनारायण भगवान की कथा और व्रत रखा जाता है। अमावस्या के दिन पितरों के लिए तर्पण और दान-पुण्य करना बहुत शुभ फलदायी माना जाता है। विशेषकर सोमवती अमावस्या और शनिश्चरी अमावस्या का महत्त्व बहुत अधिक होता है। पूर्णिमा और अमावस्या की तिथियाँ पंचांग में स्पष्ट दी जाती हैं।

Pradosh Vrat 2026 (प्रदोष व्रत 2026)

प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। यह महीने में दो बार त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। जो सोम प्रदोष और शनि प्रदोष आते हैं, उनकी मान्यता पंचांगों में सर्वोपरि मानी गई है। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाया जाता है।

Sankranti 2026 (संक्रांति 2026)

हर महीने सूर्य की राशि परिवर्तन के साथ संक्रांति होती है। मकर संक्रांति, मेष संक्रांति, कर्क संक्रांति, तुला संक्रांति आदि। इनमें मकर संक्रांति का सबसे अधिक महत्व है। पंचांग में सभी संक्रांतियों की तिथि और पुण्यकाल का समय दिया जाता है।

Vivah Muhurat 2026 According to Lala Ramswaroop Calendar (लाला रामस्वरूप कैलेंडर के अनुसार विवाह मुहूर्त 2026)

भारत में विवाह दो परिवारों का मिलन होता है और यह सुनिश्चित करने के लिए कि दूल्हा-दुल्हन का भविष्य सुखी रहे, शादी हमेशा ‘शुभ मुहूर्त’ देखकर ही तय की जाती है। जब किसी घर में शादी की बात चलती है, तो सबसे पहले लाला रामस्वरूप कैलेंडर को ही खोला जाता है।

वर्ष 2026 में विवाह के लिए कई शुभ दिन और लग्न उपलब्ध हैं। सामान्य तौर पर, विवाह शुभ महीनों जैसे माघ, फाल्गुन, वैशाख और ज्येष्ठ में सबसे ज्यादा होते हैं। लेकिन कुछ समय ऐसे होते हैं जब विवाह वर्जित माने जाते हैं:

  • चातुर्मास: देवशयनी एकादशी (जुलाई) से देवोत्थान एकादशी (नवंबर) तक लगभग चार महीने विवाह नहीं होते।
  • खरमास / मलमास: जब सूर्य धनु और मीन राशि में गोचर करते हैं, यानी लगभग 15 दिसंबर से 14 जनवरी और मध्य मार्च से मध्य अप्रैल तक शादी वर्जित होती है।

ध्यान देने योग्य बातें:

  • विवाह मुहूर्त में नक्षत्र, तिथि, वार, योग और करण का विशेष महत्व होता है।
  • अगर राहुकाल चल रहा हो, तो विवाह की रस्में भी टालनी चाहिए।
  • शुभ चौघड़िया में विवाह की रस्में करना उत्तम माना जाता है।

(Very Important Note: लाला रामस्वरूप पंचांग में दिए गए विवाह मुहूर्त सामान्य रूप से शुभ होते हैं। लेकिन शादी की पक्की तारीख और मंडप का सटीक समय (Lagna Timing) तय करने से पहले अपनी और अपने पार्टनर की जन्म कुंडली (Horoscope) के अनुसार किसी योग्य ज्योतिषी या पंडित जी से अपना व्यक्तिगत मुहूर्त अवश्य निकलवा लें।)

How to Check Rahu Kaal and Choghadiya? (राहुकाल और चौघड़िया कैसे चेक करें?)

Rahu Kaal: वैदिक ज्योतिष के अनुसार, राहुकाल दिन का वह समय होता है जब कोई भी नया या शुभ कार्य करना पूर्ण रूप से वर्जित माना जाता है। इस दौरान नकारात्मक ऊर्जा हावी रहती है। लाला रामस्वरूप कैलेंडर की खासियत यह है कि इसमें हर दिन का राहुकाल बहुत ही स्पष्ट तरीके से लाल रंग के अक्षरों में अलग से दिया होता है। हर शुभ काम की शुरुआत (जैसे कोई बड़ी बिज़नेस डील साइन करना, नया वाहन/कार खरीदना, या लंबी यात्रा शुरू करना) हमेशा राहुकाल टल जाने के बाद ही करनी चाहिए।

Choghadiya: यह दिन और रात को आठ-आठ हिस्सों (प्रत्येक लगभग 1.5 घंटे का) में बांटकर शुभ और अशुभ समय बताता है। अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया सबसे उत्तम माने जाते हैं। उदveg, चर और रोग चौघड़िया को अशुभ माना जाता है। अगर राहुकाल नहीं चल रहा है और शुभ चौघड़िया का समय है, तो वह कार्य सिद्ध होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। पंचांग में चौघड़िया की टेबल दी जाती है, जिसका उपयोग करना बहुत आसान होता है।

5 Elements of Panchang (पंचांग के पाँच अंग)

हिंदू पंचांग को पाँच अंगों का समूह माना जाता है। इन्हें Panchang कहा जाता है:

  1. Tithi (तिथि): चंद्रमा और सूर्य के बीच की दूरी के आधार पर तिथि बनती है। एक माह में 30 तिथियाँ होती हैं।
  2. Nakshatra (नक्षत्र): चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है, उसे उस दिन का नक्षत्र कहा जाता है। कुल 27 नक्षत्र होते हैं।
  3. Yoga (योग): सूर्य और चंद्रमा की विशेष स्थिति से योग बनते हैं। कुल 27 योग होते हैं।
  4. Karana (करण): तिथि के आधे भाग को करण कहा जाता है। कुल 11 करण होते हैं।
  5. Var (वार): सप्ताह के सात दिन—रविवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार।

इन पाँचों अंगों का विश्लेषण करके ही कोई भी शुभ मुहूर्त तय किया जाता है। लाला रामस्वरूप पंचांग में ये सभी जानकारियाँ रोजाना के आधार पर दी जाती हैं।

Benefits of Lala Ramswaroop Calendar 2026 (लाला रामस्वरूप कैलेंडर 2026 के फायदे)

  • सटीकता: यह पंचांग वैदिक ज्योतिष और खगोलीय गणनाओं पर आधारित होता है, इसलिए इसकी सटीकता पर भरोसा किया जाता है।
  • आसान भाषा: इसमें रंगों और चिह्नों का उपयोग किया जाता है, जिससे बुजुर्ग और युवा दोनों आसानी से समझ सकते हैं।
  • संपूर्ण जानकारी: एक ही पेज पर पूरे महीने की तिथि, व्रत, त्योहार, राहुकाल और चौघड़िया मिल जाती है।
  • विवाह मुहूर्त: शादी-विवाह के लिए प्रमाणित मुहूर्त मिलते हैं, जिन्हें पंडित और ज्योतिषी मान्य करते हैं।
  • पारिवारिक परंपरा: कई घरों में इसे हर साल लगाना एक परंपरा बन चुका है।

Frequently Asked Questions (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. Lala Ramswaroop Calendar 2026 क्या है?
यह उत्तर भारत का प्रसिद्ध हिंदू पंचांग है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, व्रत, त्योहार, राहुकाल, चौघड़िया और विवाह मुहूर्त की जानकारी मिलती है।

Q2. क्या Lala Ramswaroop Calendar 2026 PDF फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं?
मूल पंचांग कॉपीराइटेड प्रकाशन है। आप चाहें तो इस पेज को Print > Save as PDF करके अपने लिए सेव कर सकते हैं। ऑफिशियल कॉपी खरीदना बेहतर होता है।

Q3. Ramnarayan Panchang 2026 में क्या-क्या मिलता है?
इसमें दैनिक तिथि, नक्षत्र, राहुकाल, चौघड़िया, एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, प्रदोष, विवाह मुहूर्त, ग्रहण और पंचक की जानकारी होती है।

Q4. 2026 में विवाह मुहूर्त कब-कब हैं?
2026 में विवाह मुहूर्त मुख्य रूप से माघ, फाल्गुन, वैशाख और ज्येष्ठ में हैं। चातुर्मास और खरमास में विवाह नहीं किए जाते।

Q5. Lala Ramswaroop Calendar 2026 कहाँ से खरीदें?
स्थानीय स्टेशनरी स्टोर, न्यूज़पेपर विक्रेता या Amazon/Flipkart जैसे प्रमाणित प्लेटफॉर्म से खरीद सकते हैं।

Q6. क्या यह पंचांग सटीक होता है?
हाँ, यह वैदिक ज्योतिष और खगोलीय गणनाओं के आधार पर तैयार किया जाता है, इसलिए इसे व्यापक रूप से भरोसेमंद माना जाता है।

Q7. राहुकाल में क्या नहीं करना चाहिए?
राहुकाल में नया काम शुरू करना, वाहन खरीदना, बड़ी डील साइन करना, यात्रा शुरू करना और शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है।

Q8. चौघड़िया में कौन से मुहूर्त शुभ होते हैं?
अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया शुभ माने जाते हैं। उदveg, चर और रोग अशुभ माने जाते हैं।

Q9. एकादशी व्रत क्यों रखा जाता है?
एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित है। यह व्रत पापों से मुक्ति और पुण्य प्राप्ति के लिए रखा जाता है।

Q10. पितृ पक्ष में क्या नहीं करना चाहिए?
पितृ पक्ष में शुभ कार्य, नई खरीदारी, शादी, मुंडन आदि वर्जित माने जाते हैं। इस समय पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है।

Q11. क्या Lala Ramswaroop Calendar 2026 ऑनलाइन उपलब्ध है?
आप ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से प्रिंटेड कॉपी खरीद सकते हैं। डिजिटल जानकारी के लिए विभिन्न वेबसाइट्स उपलब्ध हैं।

Q12. पंचांग में पंचक क्या होता है?
पंचक वे पाँच नक्षत्र होते हैं—धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती। इनमें शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।

Conclusion (निष्कर्ष)

चाहे आपको आज की सही तिथि देखनी हो, कल का एकादशी या पूर्णिमा व्रत पता करना हो, किसी त्यौहार की सटीक जानकारी चाहिए हो, या अपने परिवार में किसी भी सदस्य की शादी की तारीख निकालनी हो, Lala Ramswaroop Calendar 2026 का कोई मुकाबला नहीं है। यह पंचांग सिर्फ तारीखों, महीनों और सालों का एक प्रिंटेड गट्ठा या पन्ना नहीं है, बल्कि यह हमारी सनातन संस्कृति, वेदों और भारत के गौरवशाली ज्योतिषीय इतिहास से हमारे सीधे जुड़ाव का एक बहुत ही सशक्त माध्यम है।

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