Lala Ramswaroop Calendar April 2026: व्रत, त्योहार और विवाह मुहूर्त की पूरी जानकारी

चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष की रौनक के बाद अब बारी है अप्रैल 2026 की, जो चैत्र से वैशाख महीने के संक्रमण का समय है। इस महीने में गर्मी की दस्तक के साथ-साथ हनुमान जयंती, अक्षय तृतीया और बैसाखी जैसे बड़े पर्व आते हैं। अगर आप Lala Ramswaroop Calendar April 2026 से जुड़ी सटीक जानकारी ढूंढ रहे हैं, तो इस लेख में हमने हर तारीख को स्वतंत्र रूप से जांचकर, प्रामाणिक स्रोतों से मिलान करके तैयार किया है।

Lala Ramswaroop Panchang क्या है? (What Is a Traditional Panchang Like This?)

भारत में सदियों से पंचांग घर-घर में एक भरोसेमंद साथी रहा है। यह सिर्फ तारीखों का कैलेंडर नहीं, बल्कि तिथि, नक्षत्र, राहुकाल, चौघड़िया और शुभ मुहूर्त की जानकारी देने वाला एक धार्मिक मार्गदर्शक है। लाला रामस्वरूप पंचांग जैसे प्रसिद्ध प्रिंटेड कैलेंडर दशकों से उत्तर भारत के घरों में पूजा स्थान की शोभा बढ़ाते आए हैं। ध्यान रहे कि ऐसे प्रिंटेड पंचांग कॉपीराइट प्रकाशन होते हैं, इसलिए यह पेज उस मूल प्रकाशन की स्कैन कॉपी नहीं है — यह वैदिक पंचांग गणनाओं के आधार पर स्वतंत्र रूप से तैयार की गई अप्रैल 2026 की जानकारी है, ताकि आप मुफ्त में और तुरंत सही तारीखें देख सकें।

April 2026 Festivals List — अप्रैल 2026 के प्रमुख त्योहार (तालिका)

तारीख (Date)दिन (Day)पर्व/व्रत (Festival)
2 अप्रैल 2026गुरुवारहनुमान जयंती व चैत्र पूर्णिमा
5 अप्रैल 2026रविवारसंकष्टी चतुर्थी
13 अप्रैल 2026सोमवारवरुठिनी एकादशी
14 अप्रैल 2026मंगलवारबैसाखी, मेष संक्रांति (खरमास समाप्त), डॉ. अम्बेडकर जयंती
15 अप्रैल 2026बुधवारबुध प्रदोष व्रत
17 अप्रैल 2026शुक्रवारवैशाख अमावस्या
19 अप्रैल 2026रविवारअक्षय तृतीया
25 अप्रैल 2026शनिवारसीता नवमी
27 अप्रैल 2026सोमवारमोहिनी एकादशी
28 अप्रैल 2026मंगलवारभौम प्रदोष व्रत
30 अप्रैल 2026गुरुवारभगवान नृसिंह जयंती

हनुमान जयंती और चैत्र पूर्णिमा — 2 अप्रैल (Hanuman Jayanti & Chaitra Purnima)

अप्रैल का यह पहला बड़ा पर्व दोहरा महत्व रखता है — इसी दिन चैत्र पूर्णिमा भी पड़ती है और हनुमान जी का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है। हनुमान मंदिरों में इस दिन सुंदरकांड, बजरंग बाण और हनुमान चालीसा का पाठ विशेष रूप से किया जाता है। पूर्णिमा तिथि होने के कारण पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य का भी विशेष महत्व माना गया है।

बैसाखी, मेष संक्रांति और खरमास समाप्ति — 14 अप्रैल (Baisakhi & Mesha Sankranti)

इस साल एक दिलचस्प संयोग बन रहा है — बैसाखी, मेष संक्रांति और डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती, तीनों ही 14 अप्रैल 2026 को एक साथ पड़ रहे हैं। दरअसल बैसाखी और मेष संक्रांति एक ही खगोलीय घटना है — सूर्य देव मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे पंजाब और उत्तर भारत में बैसाखी के नाम से मनाया जाता है। इसी दिन खरमास भी समाप्त हो जाता है, जिसके बाद विवाह जैसे रुके हुए मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो सकते हैं।

अक्षय तृतीया — 19 अप्रैल (Akshaya Tritiya)

वैशाख शुक्ल तृतीया को पड़ने वाली अक्षय तृतीया हिंदू धर्म में स्वयंसिद्ध या अबूझ मुहूर्त मानी जाती है — यानी इस दिन के लिए अलग से मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती। सोना-चांदी खरीदना, नए व्यापार की शुरुआत करना और विवाह करना, तीनों ही इस दिन बेहद शुभ माने जाते हैं। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान कभी क्षय नहीं होता, इसीलिए इसे “अक्षय” कहा जाता है।

व्रत तिथियां: एकादशी, अमावस्या और प्रदोष (Ekadashi, Amavasya & Pradosh Vrat Dates)

अप्रैल 2026 व्रत-उपवास की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है:

  • वरुठिनी एकादशी (13 अप्रैल) — वैशाख कृष्ण पक्ष की यह एकादशी व्यक्ति को पापों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है।
  • वैशाख अमावस्या (17 अप्रैल) — पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण और पिंडदान हेतु यह दिन उत्तम माना गया है।
  • मोहिनी एकादशी (27 अप्रैल) — समुद्र मंथन के समय भगवान विष्णु के मोहिनी रूप की पूजा का पावन दिन।
  • बुध प्रदोष व्रत (15 अप्रैल) व भौम प्रदोष व्रत (28 अप्रैल) — भगवान शिव-पार्वती को समर्पित यह व्रत माह में दो बार त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है।

सीता नवमी और नृसिंह जयंती (Sita Navami & Narasimha Jayanti)

25 अप्रैल को सीता नवमी के रूप में माता जानकी का प्राकट्य दिवस मनाया जाता है, जबकि महीने के अंत में 30 अप्रैल को भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार का प्रकटीकरण दिवस — नृसिंह जयंती आता है। यह दोनों ही दिन वैशाख माह की धार्मिक गरिमा को और बढ़ाते हैं।

क्या आप जानते हैं? (Did You Know — A Common Calendar Mistake)

कई ऑनलाइन कैलेंडर और वेबसाइट महावीर जयंती को अप्रैल 2026 में दिखाते हैं, जबकि प्रामाणिक पंचांग गणना के अनुसार इस वर्ष महावीर जयंती वास्तव में 31 मार्च 2026 (मंगलवार) को है — यानी चैत्र माह में, अप्रैल शुरू होने से पहले ही। अगर आपको कहीं अप्रैल में इसकी तारीख दिखे, तो जान लें कि वह जानकारी अद्यतन नहीं है।

अप्रैल 2026 में विवाह मुहूर्त (Vivah Muhurat in April 2026)

विवाह की दृष्टि से अप्रैल 2026 दो हिस्सों में बंटा है। महीने का पहला पखवाड़ा (14 अप्रैल तक) खरमास के प्रभाव में रहेगा, जब सूर्य मीन राशि में रहने के कारण विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित रहते हैं। 14 अप्रैल को मेष संक्रांति के साथ ही खरमास समाप्त होते ही पूरे उत्तर भारत में शहनाइयां गूंजने लगेंगी।

इस महीने का सबसे खास मुहूर्त है 19 अप्रैल — अक्षय तृतीया, जो अबूझ मुहूर्त होने के कारण उन परिवारों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त माना जाता है जिन्हें किसी कारणवश पक्का मुहूर्त नहीं मिल पा रहा हो। इसके अलावा महीने के अंतिम सप्ताह में भी कई शुद्ध लग्न उपलब्ध रहते हैं। हालांकि, अंतिम विवाह तिथि और मंडप मुहूर्त तय करने से पहले वर-वधू की जन्मकुंडली के अनुसार किसी योग्य ज्योतिषी से व्यक्तिगत सलाह अवश्य लें।

राहुकाल और चौघड़िया का महत्व (Rahu Kaal & Choghadiya)

पंचांग में राहुकाल वह समय होता है जब कोई भी नया या शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। इसी तरह चौघड़िया दिन और रात को आठ भागों में बांटकर शुभ-अशुभ समय दर्शाता है। कोई भी महत्वपूर्ण कार्य — जैसे नया वाहन खरीदना, व्यापार शुरू करना या यात्रा पर निकलना — राहुकाल टालकर और शुभ चौघड़िया देखकर करना पारंपरिक रूप से अधिक फलदायी माना जाता है। दैनिक राहुकाल का सटीक समय आपके शहर के सूर्योदय-सूर्यास्त पर निर्भर करता है, इसलिए स्थानीय पंचांग से इसकी पुष्टि करना बेहतर रहता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न: अप्रैल 2026 में अक्षय तृतीया कब है? उत्तर: 19 अप्रैल 2026, रविवार को अक्षय तृतीया है, जो विवाह और खरीदारी के लिए अबूझ मुहूर्त मानी जाती है।

प्रश्न: क्या महावीर जयंती अप्रैल 2026 में है? उत्तर: नहीं, इस वर्ष महावीर जयंती 31 मार्च 2026 को है, अप्रैल में नहीं।

प्रश्न: खरमास कब समाप्त हो रहा है? उत्तर: 14 अप्रैल 2026 को मेष संक्रांति के साथ ही खरमास समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद विवाह जैसे मांगलिक कार्य फिर शुरू हो सकेंगे।

प्रश्न: अप्रैल 2026 में कितनी एकादशी हैं? उत्तर: दो — वरुठिनी एकादशी (13 अप्रैल) और मोहिनी एकादशी (27 अप्रैल)।

प्रश्न: हनुमान जयंती और चैत्र पूर्णिमा एक ही दिन क्यों हैं? उत्तर: क्योंकि हनुमान जी का जन्म चैत्र पूर्णिमा तिथि को ही हुआ माना जाता है, इसलिए दोनों पर्व स्वाभाविक रूप से एक ही दिन (इस वर्ष 2 अप्रैल) पड़ते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

Lala Ramswaroop Calendar April 2026 की दृष्टि से देखें तो यह महीना नई शुरुआत, खरीदारी और विवाह के लिए बेहद शुभ है — खासकर 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होने और 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया आने के बाद। हनुमान जयंती से शुरू होकर नृसिंह जयंती पर समाप्त होने वाला यह महीना भक्ति और शुभ कार्यों से भरपूर रहेगा। किसी भी बड़े निर्णय — खासकर विवाह — से पहले स्थानीय पंचांग या ज्योतिषी से तारीख की पुष्टि जरूर कर लें, क्योंकि सटीक मुहूर्त शहर के सूर्योदय समय के अनुसार थोड़ा बदल सकता है।

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