Lala Ramswaroop Calendar June 2026 में इस बार अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) का सीधा असर देखने को मिलेगा। मई की गर्मी के बाद जून का महीना मानसून की पहली फुहारों के साथ आता है, और पंचांग की दृष्टि से भी यह महीना बहुत खास है। इस महीने योगिनी एकादशी, ज्येष्ठ अमावस्या, निर्जला एकादशी और ज्येष्ठ पूर्णिमा जैसे बड़े व्रत-त्यौहार पड़ रहे हैं।
नीचे दी गई पूरी जानकारी नई दिल्ली (IST) के सूर्योदय-सूर्यास्त समय और लाहिड़ी अयनांश (Lahiri Ayanamsa) पर आधारित गणना से तैयार की गई है — यही तरीका ज्यादातर प्रमाणिक भारतीय पंचांगों में इस्तेमाल होता है। अगर आप किसी दूसरे शहर में हैं, तो सूर्योदय-सूर्यास्त और राहुकाल के समय में कुछ मिनट का अंतर आ सकता है।
जून 2026 पंचांग तालिका (Lala Ramswaroop Panchang Table – June 2026)
| तारीख (Date) | वार (Day) | तिथि (Tithi) | नक्षत्र (Nakshatra) | योग (Yoga) | सूर्योदय–सूर्यास्त | राहुकाल (Rahu Kaal) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 01 जून 2026 | सोमवार | प्रतिपदा (कृष्ण पक्ष) | ज्येष्ठा | सिद्ध | 05:28 AM–07:10 PM | 07:11–08:54 AM |
| 02 जून 2026 | मंगलवार | द्वितीया (कृष्ण पक्ष) | मूल | साध्य | 05:28 AM–07:11 PM | 03:45–05:28 PM |
| 03 जून 2026 | बुधवार | तृतीया (कृष्ण पक्ष) | पूर्वाषाढ़ा | शुभ | 05:28 AM–07:11 PM | 12:19–02:02 PM |
| 04 जून 2026 | गुरुवार | चतुर्थी (कृष्ण पक्ष) | उत्तराषाढ़ा | शुक्ल | 05:27 AM–07:12 PM | 02:03–03:46 PM |
| 05 जून 2026 | शुक्रवार | पंचमी (कृष्ण पक्ष) | श्रवण | ब्रह्म | 05:27 AM–07:12 PM | 10:37 AM–12:20 PM |
| 06 जून 2026 | शनिवार | षष्ठी (कृष्ण पक्ष) | श्रवण | ऐन्द्र | 05:27 AM–07:13 PM | 08:54–10:37 AM |
| 07 जून 2026 | रविवार | सप्तमी (कृष्ण पक्ष) | धनिष्ठा | वैधृति | 05:27 AM–07:13 PM | 05:30–07:13 PM |
| 08 जून 2026 | सोमवार | अष्टमी (कृष्ण पक्ष) | शतभिषा | विष्कुम्भ | 05:27 AM–07:13 PM | 07:10–08:54 AM |
| 09 जून 2026 | मंगलवार | नवमी (कृष्ण पक्ष) | पूर्वाभाद्रपद | प्रीति | 05:27 AM–07:14 PM | 03:47–05:31 PM |
| 10 जून 2026 | बुधवार | दशमी (कृष्ण पक्ष) | उत्तराभाद्रपद | आयुष्मान | 05:27 AM–07:14 PM | 12:21–02:04 PM |
| 11 जून 2026 | गुरुवार | एकादशी (कृष्ण पक्ष) | रेवती | शोभन | 05:27 AM–07:15 PM | 02:04–03:48 PM |
| 12 जून 2026 | शुक्रवार | द्वादशी (कृष्ण पक्ष) | अश्विनी | अतिगण्ड | 05:27 AM–07:15 PM | 10:38 AM–12:21 PM |
| 13 जून 2026 | शनिवार | त्रयोदशी (कृष्ण पक्ष) | कृत्तिका | सुकर्मा | 05:27 AM–07:15 PM | 08:54–10:38 AM |
| 14 जून 2026 | रविवार | चतुर्दशी (कृष्ण पक्ष) | रोहिणी | धृति | 05:27 AM–07:16 PM | 05:32–07:16 PM |
| 15 जून 2026 | सोमवार | अमावस्या (कृष्ण पक्ष) | मृगशिरा | शूल | 05:27 AM–07:16 PM | 07:11–08:54 AM |
| 16 जून 2026 | मंगलवार | द्वितीया (शुक्ल पक्ष) | आर्द्रा | वृद्धि | 05:27 AM–07:16 PM | 03:49–05:33 PM |
| 17 जून 2026 | बुधवार | तृतीया (शुक्ल पक्ष) | पुनर्वसु | ध्रुव | 05:27 AM–07:17 PM | 12:22–02:06 PM |
| 18 जून 2026 | गुरुवार | चतुर्थी (शुक्ल पक्ष) | पुष्य | व्याघात | 05:28 AM–07:17 PM | 02:06–03:50 PM |
| 19 जून 2026 | शुक्रवार | पंचमी (शुक्ल पक्ष) | अश्लेषा | हर्षण | 05:28 AM–07:17 PM | 10:39 AM–12:23 PM |
| 20 जून 2026 | शनिवार | षष्ठी (शुक्ल पक्ष) | मघा | वज्र | 05:28 AM–07:17 PM | 08:55–10:39 AM |
| 21 जून 2026 | रविवार | सप्तमी (शुक्ल पक्ष) | पूर्वाफाल्गुनी | सिद्धि | 05:28 AM–07:18 PM | 05:34–07:18 PM |
| 22 जून 2026 | सोमवार | अष्टमी (शुक्ल पक्ष) | उत्तराफाल्गुनी | व्यतीपात | 05:28 AM–07:18 PM | 07:12–08:56 AM |
| 23 जून 2026 | मंगलवार | नवमी (शुक्ल पक्ष) | हस्त | वरीयान | 05:29 AM–07:18 PM | 03:51–05:34 PM |
| 24 जून 2026 | बुधवार | दशमी (शुक्ल पक्ष) | चित्रा | परिघ | 05:29 AM–07:18 PM | 12:24–02:07 PM |
| 25 जून 2026 | गुरुवार | एकादशी (शुक्ल पक्ष) | स्वाति | शिव | 05:29 AM–07:18 PM | 02:07–03:51 PM |
| 26 जून 2026 | शुक्रवार | द्वादशी (शुक्ल पक्ष) | विशाखा | सिद्ध | 05:29 AM–07:19 PM | 10:40 AM–12:24 PM |
| 27 जून 2026 | शनिवार | त्रयोदशी (शुक्ल पक्ष) | अनुराधा | साध्य | 05:30 AM–07:19 PM | 08:57–10:41 AM |
| 28 जून 2026 | रविवार | चतुर्दशी (शुक्ल पक्ष) | ज्येष्ठा | शुभ | 05:30 AM–07:19 PM | 05:35–07:19 PM |
| 29 जून 2026 | सोमवार | पूर्णिमा (शुक्ल पक्ष) | मूल | शुक्ल | 05:30 AM–07:19 PM | 07:14–08:57 AM |
| 30 जून 2026 | मंगलवार | प्रतिपदा (कृष्ण पक्ष) | पूर्वाषाढ़ा | ब्रह्म | 05:31 AM–07:19 PM | 03:52–05:35 PM |

जून 2026 के प्रमुख व्रत और त्यौहार (Major Vrat & Festivals – June 2026)
संकष्टी चतुर्थी (Sankashti Chaturthi) – 4 जून 2026, गुरुवार
हर महीने पूर्णिमा के बाद आने वाली चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश की पूजा के लिए रखा जाता है। इस दिन व्रती दिनभर उपवास रखते हैं और शाम को चंद्रमा के दर्शन के बाद ही व्रत खोलते हैं। इससे जीवन की बाधाएं और रुके हुए काम पूरे होने की मान्यता है।
योगिनी / परमा एकादशी (Yogini / Parama Ekadashi) – 11 जून 2026, गुरुवार
यह अधिक मास की कृष्ण पक्ष एकादशी है, जिसे इस विशेष वर्ष में योगिनी और परमा — दोनों नामों से जाना जाता है। भगवान विष्णु को समर्पित इस व्रत में एकादशी की रात्रि जागरण और द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद पारण करने की परंपरा है।
कृष्ण पक्ष प्रदोष व्रत (Krishna Paksha Pradosh Vrat) – 12 जून 2026, शुक्रवार
त्रयोदशी तिथि पर भगवान शिव की सांयकालीन पूजा का यह व्रत सूर्यास्त के बाद लगभग डेढ़-दो घंटे के प्रदोष काल में किया जाता है। शुक्रवार को पड़ने से इसे परिवार में सुख-समृद्धि लाने वाला माना जाता है।
ज्येष्ठ / अधिक अमावस्या (Jyeshtha Amavasya) – 14-15 जून 2026
यह तिथि 14 जून की दोपहर से शुरू होकर 15 जून की सुबह तक रहेगी, इसलिए स्नान-दान और पितृ तर्पण के लिए 15 जून का सूर्योदय काल उपयुक्त रहेगा। यही अमावस्या अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के समापन का भी संकेत देती है — इसके बाद असली (निज) ज्येष्ठ मास शुरू होता है।
निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi) – 25 जून 2026, गुरुवार
साल की सबसे कठिन मानी जाने वाली यह एकादशी बिना जल ग्रहण किए रखी जाती है। मान्यता है कि इस एक व्रत को सच्चे मन से करने से बाकी सभी 23 एकादशियों का फल मिल जाता है। अगले दिन द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद पारण किया जाता है।
शुक्ल पक्ष प्रदोष व्रत (Shukla Paksha Pradosh Vrat) – 27 जून 2026, शनिवार
इस महीने की दूसरी प्रदोष तिथि शनिवार को पड़ रही है, जो शनि दोष और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से राहत के लिए विशेष मानी जाती है।
ज्येष्ठ पूर्णिमा (Jyeshtha Purnima) – 29 जून 2026, सोमवार
गुरु पूर्णिमा से ठीक एक महीने पहले आने वाली यह पूर्णिमा सत्यनारायण भगवान की कथा, पवित्र नदी स्नान और चंद्र अर्घ्य के लिए जानी जाती है।
जरूरी बात: चातुर्मास असल में कब से शुरू होगा? (When Does Chaturmas Really Begin?)
बहुत सी जगह यह भ्रम फैला है कि 25 जून 2026 को देवशयनी एकादशी है और उसी दिन से चातुर्मास शुरू होकर शादी-विवाह बंद हो जाएंगे। असल में 25 जून को निर्जला एकादशी है, देवशयनी एकादशी नहीं।
देवशयनी एकादशी आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी होती है, जबकि 25 जून की एकादशी अभी ज्येष्ठ मास की ही शुक्ल एकादशी (निर्जला एकादशी) है। असली देवशयनी एकादशी — जिस दिन से भगवान विष्णु चार महीने के योगनिद्रा में जाते हैं और चातुर्मास शुरू होता है — इस साल 25 जुलाई 2026 (शनिवार) को पड़ रही है, यानी जून से पूरे एक महीने बाद। इस भूल का असर सीधे शादी-ब्याह की योजना पर पड़ सकता है, इसलिए नीचे सही जानकारी दी जा रही है।
जून 2026 में विवाह मुहूर्त (Wedding Muhurat – June 2026)
चूंकि देवशयनी एकादशी और चातुर्मास जुलाई के अंत में शुरू होंगे, इसलिए जून का पूरा महीना और जुलाई का पहला हिस्सा भी शादी-ब्याह, सगाई और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों के लिए खुला रहेगा — सिर्फ जून तक सीमित नहीं। बेशक, अधिक मास के दौरान (17 मई से 15 जून तक) परंपरागत रूप से नए मांगलिक कार्य शुरू नहीं किए जाते, इसलिए 16 जून के बाद से ही असली ज्येष्ठ मास के शुभ मुहूर्त फिर से मिलने लगेंगे। सटीक तारीख और समय के लिए परिवार की कुंडली मिलान के आधार पर किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेना बेहतर रहेगा।
पंचांग कैसे पढ़ें (How to Read a Panchang) – तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल
पंचांग के पांच अंग होते हैं:
- तिथि (Tithi): चंद्रमा और सूर्य के बीच के कोण से तय होने वाला चंद्र दिवस। एक महीने में 30 तिथियां होती हैं — 15 शुक्ल पक्ष और 15 कृष्ण पक्ष की।
- नक्षत्र (Nakshatra): आकाश के 27 भागों में से वह भाग जहां चंद्रमा उस दिन स्थित होता है। इससे दिन का स्वभाव और मुहूर्त तय होता है।
- योग (Yoga): सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त स्थिति से बनने वाले 27 योगों में से एक, जो दिन के शुभ-अशुभ प्रभाव को दर्शाता है।
- करण (Karana): आधी तिथि को करण कहते हैं। एक महीने में 11 करण बार-बार आते हैं और छोटे मुहूर्त तय करने में काम आते हैं।
- राहुकाल (Rahu Kaal): हर दिन लगभग डेढ़ घंटे का एक समय, जो सप्ताह के दिन और शहर के हिसाब से बदलता रहता है। नया या शुभ काम शुरू करने में इस समय से बचने की सलाह दी जाती है।
ऊपर दी गई तालिका में हर दिन की तिथि, नक्षत्र, योग, सूर्योदय-सूर्यास्त और राहुकाल नई दिल्ली के अनुसार दिए गए हैं। अगर आप किसी और शहर में हैं, तो सटीक समय के लिए अपने शहर के लिए बना हुआ पंचांग कैलकुलेटर देखना सबसे भरोसेमंद तरीका है।
जून 2026 राशिफल (June 2026 Monthly Rashifal)
यह जानकारी पारंपरिक ज्योतिष पर आधारित सामान्य मार्गदर्शन है, व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण का विकल्प नहीं है।
मेष: करियर में मेहनत का फल मिलेगा, लेकिन जल्दबाजी से बचें। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। वृषभ: धन संबंधी मामलों में स्थिरता आएगी। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। मिथुन: संवाद और नेटवर्किंग के लिए अच्छा समय। विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई में अच्छा रहेगा। कर्क: परिवार के साथ समय बिताने के मौके बनेंगे। स्वास्थ्य पर थोड़ा ध्यान दें। सिंह: नेतृत्व क्षमता और सम्मान बढ़ेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कन्या: आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी, जो अधिक मास के प्रभाव से मेल खाती है। नए संपर्क फायदेमंद रहेंगे। तुला: आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। वृश्चिक: करियर में प्रगति के योग हैं। परिवार और काम में संतुलन बनाना जरूरी रहेगा। धनु: महीना अनुकूल रहेगा। धार्मिक यात्रा के योग बन सकते हैं, जल्दबाजी में निवेश से बचें। मकर: सेहत और खान-पान पर ध्यान दें। स्थिर मेहनत ही फायदेमंद रहेगी। कुंभ: रिश्तों में गहराई आएगी। व्यापारिक साझेदारी के अच्छे संकेत हैं। मीन: पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सफलता मिलेगी।
आयुर्वेद और स्वास्थ्य टिप्स – जून 2026
- हल्का और ताजा भोजन करें: मानसून की शुरुआत में तला-भुना और बासी खाना पचाने में मुश्किल होता है, हल्का और गर्म भोजन बेहतर रहता है।
- पानी उबालकर पिएं: मौसम बदलने के दौरान पेट के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए पानी उबालकर ठंडा करके पीना फायदेमंद है।
- नियमित दिनचर्या रखें: सुबह जल्दी उठना, प्राणायाम और थोड़ा ध्यान करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या 25 जून 2026 को देवशयनी एकादशी है? नहीं। 25 जून को निर्जला एकादशी है। देवशयनी एकादशी इस साल 25 जुलाई 2026 को पड़ेगी, जिससे चातुर्मास शुरू होगा।
जून 2026 में अधिक मास कब तक रहेगा? अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) 15 जून 2026 तक रहेगा। 16 जून से असली (निज) ज्येष्ठ मास शुरू हो जाएगा।
जून 2026 में शादी के लिए शुभ मुहूर्त कब हैं? 16 जून के बाद से जुलाई के अंत (25 जुलाई से पहले) तक शादी-ब्याह के लिए मुहूर्त उपलब्ध हैं। सटीक तारीख के लिए ज्योतिषी से कुंडली मिलान जरूर कराएं।
निर्जला एकादशी का व्रत कैसे किया जाता है? यह व्रत बिना जल ग्रहण किए रखा जाता है और अगले दिन द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद पारण किया जाता है। इसे साल की सबसे कठिन और सबसे फलदायी एकादशी माना जाता है।
यह Lala Ramswaroop Calendar June 2026 किस शहर के हिसाब से बना है? यह पंचांग नई दिल्ली (IST) और लाहिड़ी अयनांश के आधार पर तैयार किया गया है, जो ज्यादातर भारतीय पंचांगों में इस्तेमाल होने वाला मानक तरीका है।
निष्कर्ष (Conclusion)
Lala Ramswaroop Calendar June 2026 इस साल खास इसलिए है क्योंकि यह अधिक मास के अंत और असली ज्येष्ठ मास की शुरुआत, दोनों को अपने में समेटे हुए है। योगिनी एकादशी से लेकर निर्जला एकादशी और ज्येष्ठ पूर्णिमा तक, हर व्रत का अपना महत्व है। सबसे जरूरी बात यह समझना है कि देवशयनी एकादशी और चातुर्मास जून में नहीं, बल्कि 25 जुलाई से शुरू होंगे — इसलिए शादी-ब्याह की योजना बनाने वालों के पास सोची गई तारीख से एक महीना ज्यादा समय है। किसी भी व्रत या मुहूर्त से पहले अपने शहर के सही समय की एक बार पुष्टि जरूर कर लें।