Lala Ramswaroop Calendar December 2026 | लाला रामस्वरूप कैलेंडर दिसंबर 2026

साल 2026 अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है, और कड़ाके की ठंड के साथ आया दिसंबर का महीना अपने साथ कुछ बेहद पावन पर्व भी लेकर आता है। Lala Ramswaroop Calendar December 2026 के अनुसार, इस महीने की सबसे बड़ी बात यह है कि 14 दिसंबर को Vivah Panchami मनाई जाएगी, जिस दिन भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह हुआ था। इसके ठीक दो दिन बाद, 16 दिसंबर से Kharmas भी शुरू हो जाएगा, जिससे अगले एक महीने तक सभी शुभ और मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। महीने के बीच में 20 दिसंबर को Gita Jayanti और Mokshada Ekadashi एक साथ पड़ रही हैं, जो इस महीने को आध्यात्मिक दृष्टि से और भी खास बना देती हैं।

मार्गशीर्ष (अगहन) और पौष मास से सजा यह महीना साल का समापन बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ करता है। इस लेख में हमने Lala Ramswaroop Panchang के अनुसार दिसंबर 2026 के सभी व्रत, त्यौहार, एकादशी और विवाह मुहूर्त की सरल भाषा में पूरी जानकारी दी है, ताकि साल के इस आखिरी महीने की योजना बनाने में आपको कोई दिक्कत न हो।

Yeh Panchang Kyun Bharosemand Hai | पंचांग की प्रामाणिकता

जब बात व्रत-त्यौहार की सही तारीख जानने की हो, तो सिर्फ कोई भी कैलेंडर उठाकर उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता। Lala Ramswaroop Ramnarayan Panchang का नाम उत्तर भारत के घरों में इसलिए लिया जाता है क्योंकि इसकी हर तिथि सूर्य और चंद्रमा की वास्तविक खगोलीय गणनाओं पर आधारित होती है, न कि अनुमान पर। दशकों के अनुभव और विद्वान संपादकों के मार्गदर्शन में तैयार यह पंचांग आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना यह वर्षों पहले था, और यही वजह है कि आज भी नई पीढ़ी इसकी डिजिटल जानकारी पर उतना ही भरोसा करती है जितना उनके बड़े-बुजुर्ग इसके मुद्रित संस्करण पर करते थे।

December 2026 Important Dates At a Glance | एक नज़र में दिसंबर 2026 के मुख्य दिन

Date (तारीख)Day (वार)Occasion (पर्व/व्रत)TypeSignificance
4 दिसंबर 2026शुक्रवारUtpanna EkadashiVratएकादशी देवी की उत्पत्ति
6 दिसंबर 2026रविवारRavi Pradosh VratVratशिव पूजा, स्वास्थ्य लाभ
8 दिसंबर 2026मंगलवारMargashirsha AmavasyaVratपितृ तर्पण, दान-पुण्य
14 दिसंबर 2026सोमवारVivah PanchamiFestival + Muhuratराम-सीता विवाह स्मृति
16 दिसंबर 2026बुधवारDhanu Sankranti / KharmasRestriction Periodविवाह पर एक माह का विराम
20 दिसंबर 2026रविवारGita Jayanti & Mokshada EkadashiMajor Festivalगीता ज्ञान, पितृ मोक्ष
21 दिसंबर 2026सोमवारSom Pradosh VratVratमनोकामना पूर्ति
23 दिसंबर 2026बुधवारMargashirsha Purnima / Dattatreya JayantiFestivalसत्यनारायण पूजा
25 दिसंबर 2026शुक्रवारChristmasHolidayईसा मसीह जन्मोत्सव
26 दिसंबर 2026शनिवारSankashti ChaturthiVrat2026 का अंतिम गणेश व्रत
Lala Ramswaroop Calendar December 2026

Major Festivals in December 2026 | दिसंबर 2026 के प्रमुख त्यौहार

Vivah Panchami – 14 December

मार्गशीर्ष शुक्ल पंचमी को मनाई जाने वाली Vivah Panchami वह पावन दिन है जब जनकपुर में माता सीता और अयोध्या के राजकुमार भगवान श्रीराम का विवाह संपन्न हुआ था। अयोध्या और नेपाल के जनकपुर धाम में इस दिन भव्य विवाहोत्सव का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु शामिल होने पहुंचते हैं। घरों में भी इस दिन राम-सीता की पूजा और रामचरितमानस के विवाह प्रसंग का पाठ करना शुभ माना जाता है।

Dhanu Sankranti / Kharmas Begins – 16 December

इस दिन सूर्य देव वृश्चिक राशि से निकलकर बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश करेंगे। जब भी सूर्य गुरु की राशि (धनु या मीन) में प्रवेश करता है, तब Kharmas (मलमास) आरंभ हो जाता है। इस अवधि में सूर्य और गुरु दोनों की ऊर्जा कमजोर मानी जाती है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश और नए व्यापार जैसे शुभ कार्यों को स्थगित कर दिया जाता है।

Gita Jayanti – 20 December

इसी दिन कुरुक्षेत्र के रणक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भागवत गीता का अमर ज्ञान दिया था, जो आज भी करोड़ों लोगों के जीवन का मार्गदर्शन करता है। इस दिन गीता पाठ, गीता श्रवण और सामूहिक गीता पारायण का आयोजन कई मंदिरों और घरों में किया जाता है।

Dattatreya Jayanti – 23 December

मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन ब्रह्मा, विष्णु और महेश के संयुक्त अवतार माने जाने वाले भगवान दत्तात्रेय की जयंती मनाई जाती है। इसी दिन घर-घर में सत्यनारायण भगवान की कथा और पूजन का भी विशेष आयोजन किया जाता है।

Christmas Day – 25 December

प्रभु ईसा मसीह के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाने वाला यह पर्व पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी बड़े उत्साह से मनाया जाता है। इस दिन देशभर में सार्वजनिक अवकाश रहता है, और गिरिजाघरों को रोशनी से सजाया जाता है।

Ekadashi, Purnima Aur Amavasya Vrat Dates | व्रत तिथियों की पूरी सूची

Utpanna Ekadashi – 4 December

मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष की इस एकादशी के दिन ही स्वयं एकादशी देवी की उत्पत्ति भगवान विष्णु के शरीर से हुई थी, जिन्होंने मुर नामक राक्षस का वध किया था। जो भक्त एकादशी व्रत की शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए यह दिन सबसे उत्तम माना जाता है।

Ravi Pradosh Vrat – 6 December

प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है, और जब यह रविवार के दिन आता है तो इसे Ravi Pradosh कहा जाता है। यह दिन अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और सूर्य दोष की शांति के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है।

Margashirsha Amavasya – 8 December

इस दिन पितरों की तृप्ति के लिए तर्पण, पवित्र नदी में स्नान और दान-पुण्य करने की परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पितृ कर्म से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।

Mokshada Ekadashi (Vaikuntha Ekadashi) – 20 December

मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी को मनाई जाने वाली यह एकादशी अपने नाम के अनुरूप ही पितरों को मोक्ष प्रदान करने वाली मानी जाती है। इसी दिन गीता जयंती भी पड़ती है, इसलिए इस दिन गीता पाठ के साथ एकादशी व्रत रखना दोगुना पुण्यदायी समझा जाता है।

Som Pradosh Vrat – 21 December

सोमवार को पड़ने वाला यह प्रदोष व्रत मानसिक शांति और मनोकामना पूर्ति के लिए बेहद शुभ माना जाता है। भक्त सांयकाल में शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा करते हैं।

Margashirsha Purnima – 23 December

23 दिसंबर की सुबह से 24 दिसंबर की सुबह तक रहने वाली इस पूर्णिमा तिथि पर सत्यनारायण पूजन के लिए 23 दिसंबर का दिन ही चुना जाएगा। इसी तिथि को दत्तात्रेय जयंती के रूप में भी मनाया जाता है।

Sankashti Chaturthi – 26 December

भगवान गणेश को समर्पित यह मासिक व्रत साल 2026 का आखिरी बड़ा व्रत होगा। भक्त दिनभर उपवास रखकर शाम को चंद्रोदय के दर्शन के बाद ही व्रत खोलते हैं।

Vivah Muhurat December 2026: Wedding Dates | दिसंबर में विवाह मुहूर्त

साल के अंत में शादी की योजना बनाने वालों के लिए Lala Ramswaroop Calendar December 2026 एक ज़रूरी जानकारी लेकर आया है। महीने के पहले पखवाड़े में, यानी 1 से 15 दिसंबर तक विवाह, सगाई और गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों के लिए अच्छे और शुद्ध मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे।

14 दिसंबर की Vivah Panchami को कई स्थानों पर Abhuj Muhurat माना जाता है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में भगवान राम और माता सीता के वनवास-प्रसंग से जुड़े होने के कारण इस दिन विवाह करने से परहेज़ भी किया जाता है — इसलिए इस तारीख को चुनने से पहले अपने पारिवारिक पुरोहित की राय ज़रूर लें।

सबसे ज़रूरी बात यह है कि 16 दिसंबर 2026 से Kharmas शुरू हो जाएगा, और सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करते ही सभी विवाह मुहूर्त पूरी तरह बंद हो जाएंगे। यह स्थिति 14 जनवरी 2027 (मकर संक्रांति) तक, यानी करीब एक महीने तक बनी रहेगी। इसलिए यदि आप इस साल के अंत में शादी की योजना बना रहे हैं, तो 16 दिसंबर से पहले ही अपनी तारीख निश्चित कर लें।

Kharmas Kya Hai Aur Kya Karein, Kya Na Karein | खरमास के नियम

जब भी सूर्य देव बृहस्पति (गुरु) की राशि — धनु या मीन — में प्रवेश करते हैं, तब Kharmas (जिसे मलमास भी कहा जाता है) आरंभ हो जाता है। चूंकि गुरु ग्रह को शुभता और वृद्धि का कारक माना जाता है, इस दौरान सूर्य की ऊर्जा कमजोर पड़ जाती है, और इसीलिए इस एक महीने में कोई भी नया शुभ कार्य शुरू नहीं किया जाता। नीचे दी गई तालिका में इसे आसान भाषा में समझाया गया है:

करें (Do)न करें (Don’t)
भगवान विष्णु और सूर्य देव की उपासना करेंनई शादी या सगाई तय न करें
दान-पुण्य और गौ-सेवा करेंगृह प्रवेश या नया घर न खरीदें
तुलसी पूजन और गीता पाठ करेंमुंडन या जनेऊ संस्कार न करवाएं
तीर्थ यात्रा और सत्संग में भाग लेंनया व्यापार या बड़ा निवेश शुरू न करें
आत्मचिंतन और साधना पर ध्यान देंनए वाहन/भूमि की खरीद टालें

Purnimant Calendar Aur Margashirsha Maas | महीनों के नामकरण को समझें

अगर आपने ध्यान दिया हो, तो उत्तर भारत के पंचांग में दिसंबर के महीने को अंग्रेज़ी कैलेंडर से अलग मार्गशीर्ष (अगहन) और पौष जैसे नामों से भी जाना जाता है। इसकी वजह यह है कि हिंदू पंचांग चंद्र-सौर प्रणाली पर आधारित है, जिसमें महीने की गणना पूर्णिमा-से-पूर्णिमा (Purnimant) या अमावस्या-से-अमावस्या (Amant) के आधार पर होती है, न कि अंग्रेज़ी तारीखों पर। यही कारण है कि हर साल त्यौहारों की अंग्रेज़ी तारीख थोड़ी आगे-पीछे होती रहती है, जबकि पंचांग की तिथि हमेशा स्थिर रहती है।

Christmas Aur Hindu Panchang Ka Sangam | एक अनोखा संयोग

यह दिलचस्प बात है कि दिसंबर के महीने में जहां एक ओर सनातन परंपरा के गीता जयंती, मोक्षदा एकादशी और दत्तात्रेय जयंती जैसे पर्व मनाए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर 25 दिसंबर को Christmas भी इसी महीने में पड़ता है। भारत की सांस्कृतिक विविधता की यही खूबसूरती है कि एक ही सप्ताह में अलग-अलग परंपराओं के त्यौहार साथ-साथ मनाए जाते हैं, और यह पंचांग भी अपने पाठकों को दोनों की जानकारी एक साथ उपलब्ध कराता है।

Doosre Panchang Se Tulna | अन्य पंचांगों से तुलना

Thakur Prasad Panchang और Kalnirnay जैसे अन्य प्रचलित पंचांग भी उसी चंद्र-सौर गणना पद्धति का पालन करते हैं, इसलिए विवाह पंचमी, गीता जयंती या मोक्षदा एकादशी जैसी प्रमुख तिथियों में कोई अंतर नहीं आता। फर्क सिर्फ इतना है कि हर पंचांग की लोकप्रियता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग है — लाला रामस्वरूप पंचांग उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में सबसे भरोसेमंद नाम है, जबकि बाकी पंचांग अन्य क्षेत्रों में अधिक प्रचलित हैं। मूल तिथि सभी में एक समान ही रहती है।

Is Calendar Ka Sahi Upyog Kaise Karein | सही उपयोग के तरीके

  1. अपने शहर का समय ज़रूर जांचें – सूर्योदय-सूर्यास्त का समय अलग-अलग शहरों में बदलता है, जिससे मुहूर्त के समय में भी हल्का अंतर आ सकता है।
  2. Kharmas शुरू होने से पहले काम निपटाएं – 16 दिसंबर के बाद कोई भी नया शुभ कार्य शुरू न करें।
  3. तालिका को सेव कर लें – ऊपर दी गई “At a Glance” टेबल महीनेभर काम आएगी।
  4. बड़े फैसलों में पुरोहित की सलाह लें – खासकर विवाह पंचमी जैसी तारीखों के लिए, जहां क्षेत्रीय मान्यताएं अलग-अलग हैं।

Hum Tareekhon Ki Pushti Kaise Karte Hain | हमारी सत्यापन प्रक्रिया

हमारी संपादकीय टीम हर तारीख को प्रकाशित करने से पहले मूल Lala Ramswaroop Ramnarayan Panchang से मिलाती है, फिर वैदिक खगोलीय गणनाओं से दोबारा पुष्टि करती है, और अंत में समय-समय पर आंतरिक समीक्षा करके किसी भी त्रुटि को तुरंत सुधारती है। चूंकि सूर्योदय और भौगोलिक स्थिति के अनुसार समय में मामूली अंतर आ सकता है, इसलिए किसी भी बड़े आयोजन से पहले स्थानीय पुरोहित से एक बार पुष्टि ज़रूर कर लें।

Frequently Asked Questions | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. दिसंबर 2026 में विवाह पंचमी कब है? (When is Vivah Panchami in December 2026?) Vivah Panchami 14 दिसंबर 2026, सोमवार को मनाई जाएगी, जो राम-सीता विवाह का पावन दिन है।

Q2. Kharmas 2026 कब से शुरू हो रहा है? Kharmas 16 दिसंबर 2026 से शुरू होकर 14 जनवरी 2027 (मकर संक्रांति) तक चलेगा।

Q3. गीता जयंती और मोक्षदा एकादशी एक ही दिन क्यों पड़ते हैं? दोनों ही मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी तिथि पर आधारित हैं, इसलिए हर साल यह दोनों पर्व एक साथ 20 दिसंबर 2026 को मनाए जाएंगे।

Q4. दिसंबर 2026 में शादी के लिए कौन सी तारीखें अच्छी हैं? 1 से 15 दिसंबर तक का समय शादियों के लिए शुभ है, जिसमें 14 दिसंबर की विवाह पंचमी खास मानी जाती है, हालांकि क्षेत्रीय मान्यता अनुसार सलाह लेना उचित है।

Q5. Kharmas के बाद अगला विवाह मुहूर्त कब मिलेगा? 14 जनवरी 2027 को मकर संक्रांति के बाद, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही विवाह मुहूर्त फिर से शुरू हो जाएंगे।

Q6. दिसंबर 2026 में कितनी एकादशी हैं? इस महीने दो एकादशी हैं — 4 दिसंबर को Utpanna Ekadashi और 20 दिसंबर को Mokshada Ekadashi।

Q7. साल 2026 का आखिरी बड़ा व्रत कौन सा है? 26 दिसंबर 2026 को पड़ने वाली Sankashti Chaturthi साल 2026 का अंतिम प्रमुख व्रत होगा।

Q8. क्या Kharmas में पूजा-पाठ करना मना है? नहीं, Kharmas में केवल विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं — पूजा-पाठ, दान, गीता पाठ और तीर्थ यात्रा करना इस दौरान शुभ ही माना जाता है।

Conclusion | निष्कर्ष

Lala Ramswaroop Calendar December 2026 साल की विदाई को एक भक्तिमय अंदाज़ में मनाने का अवसर देता है — विवाह पंचमी की मंगल स्मृति से लेकर गीता जयंती के ज्ञान और मोक्षदा एकादशी के पुण्य तक। साथ ही 16 दिसंबर से शुरू होने वाला Kharmas हमें यह भी याद दिलाता है कि साल के अंत में जल्दबाज़ी की बजाय आत्मचिंतन और धैर्य का समय है। कोई भी शुभ कार्य तय करने से पहले ऊपर दी गई तारीखों को ध्यान में रखें और अपने परिवार के पुरोहित से एक बार सलाह अवश्य लें। नए साल के पंचांग की जानकारी के साथ हम जल्द ही फिर हाज़िर होंगे।

Disclaimer: यह जानकारी पारंपरिक वैदिक पंचांग गणनाओं पर आधारित है और इसे सांस्कृतिक व आध्यात्मिक मार्गदर्शन के तौर पर देखा जाना चाहिए, किसी निश्चित परिणाम की गारंटी के तौर पर नहीं। महत्वपूर्ण व्यक्तिगत, वित्तीय, स्वास्थ्य या कानूनी निर्णयों के लिए कृपया संबंधित योग्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

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